मनुष्य जीवन की चार अवस्थाएं। बचपन, किशोरावस्था, जवानी और बुढ़ापा। चारों अवस्थाओं के लिए अलग-अलग नियम, सावधानियां और कर्तव्य। इनका पालन करना भी जरूरी है। वरना परेशानियां होती हैं। बचपन में बुद्धि का विकास नहीं होता। लेकिन किशोरावस्था में बुद्धि विकसित हो जाती है। इस दौरान कुछ सावधानियां रखनी चाहिए। अन्यथा भविष्य चिंताजनक हो सकता है।
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