कोई मित्र या रिश्तेदार अपमान कर देता है, तब भी व्यक्ति को दुख का ही सामना करना पड़ता है। अपने लोगों से अपमानित होने के बाद कोई भी व्यक्ति वह समय नहीं भुला पाता है।
जो लोग अत्यधिक कर्ज ले लेते हैं और चुकाने में असमर्थ रहते हैं तो उन्हें हर पल ऐसे ऋण का विचार ही असहनीय पीड़ा देता है।
जो लोग कपटी और चरित्रहीन राजा या मालिक के सेवक हैं, वे हमेशा ही इस बात से दुखी रहते हैं। किसी भी इंसान के लिए सबसे बड़ा दुख है गरीबी। गरीबी एक अभिशाप की तरह ही है। गरीब व्यक्ति हर पल आर्थिक तंगी के चलते जलता रहता है।
इसके अलावा यदि किसी व्यक्ति के आसपास के लोग स्वार्थी स्वभाव के हैं और फिर भी उनके साथ रहना पड़ता है तो यह भी एक दुख ही है।
इसी प्रकार स्त्री या प्रेमिका का वियोग, अपने मित्रों या रिश्तेदारों से अपमान, कर्ज देने से बचा हुआ ऋण, दुष्ट राजा या मालिक की सेवा, गरीब और स्वार्थी लोगों का साथ, ये बातें व्यक्ति को आग में ही जलाती हैं।
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