मूर्तियों का शृंगार करने के पीछे एक कारण यह भी है कि शृंगार से मूर्तियों की सुंदरता बढ़ती है। भगवान की शक्ल शृंगार से ही अधिक उभरती है, जिससे उनकी भक्ति करने वाले भक्त को देवी-देवताओं के होने का आभास प्राप्त होता है। इसके अलावा शृंगार से मूर्ति की सुरक्षा भी होती है। यदि शृंगार न किया जाए तो मूर्तियां समय के साथ पुरानी होकर खंडित हो सकती है। शृंगार के अभाव में मूर्ति से देवी-देवताओं के चेहरे दिखाई देना बंद हो सकते हैं।
इन्हीं कारणों से हनुमानजी के मूर्तियों पर भी सिंदूर से चोला चढ़ाया जाता है ताकि मूर्ति की सुंदरता भी बनी रहे और उसकी सुरक्षा भी होती रहे।
हनुमानजी ने सोचा कि जब थोड़े सा सिंदूर लगाने का इतना लाभ है तो वे पूरे शरीर पर सिंदूर लगाएंगे तो उनके स्वामी श्रीराम हमेशा के लिए अमर हो जाएंगे। यही सोचकर उन्होंने पूरे शरीर पर सिंदूर लगाना प्रारंभ कर दिया। तभी से बजरंग बली को सिंदूर चढ़ाने की परंपरा शुरू हुई।
No comments:
Post a Comment