Sunday, 7 July 2013

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यहां चोरों को पकड़ने के लिए पेड़ों से फरियाद लगाते हैं लोग


बिहार के बांका जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बसे करीब 70 प्रतिशत लोग आज भी चोरों को पकड़ने या चोरी गया सामान वापस पाने के लिए यह अनोखा तरीका अपनाते हैं। इस इलाके में चोरी होने के बाद लोग पुलिस के पास न जाकर चिह्न्ति पेड़ों के पास चोर को दंड दिलाने पहुंचते हैं।

शंकरपुर गांव निवासी निरंजन किशोर ने बताया कि ये खास पेड़ पीपल, खजूर, पाकड़, गूलर सहित कुछ खास जातियों के होते हैं, जो जिले के करीब पांच दर्जन से ज्यादा गांवों के देवी स्थानों के सामने स्थित हैं। किशोर ने बताया कि यह परंपरा बहुत प्राचीन है जो काफी फलदायी भी है।


एक ईंट को साफ कर उसमें सिंदूर लगाकर उसे पेड़ की टहनी में लटका दिया जाता है। इसके बाद यह सूचना सार्वजनिक कर दी जाती है। मान्यता है कि चोरी का सामान वापस नहीं करने या नहीं मिलने पर जिस दिन पेड़ की डाली में बंधी ईंट अपने आप पेड़ से गिर जाएगी, उस दिन उस चोर को बहुत बड़ी क्षति का सामना करना पड़ेगा। ग्रामीणों का मानना है कि सूचना सार्वजनिक होते ही उनका सामान किसी न किसी बहाने चोर उन्हें वापस कर देते हैं। बांका जिले में ऐसे कई पेड़ मिल जाएंगे जिनमें ईंट लटकी रहती हैं। इनमें महत्वपूर्ण हैं बांका-भागलपुर सड़क के किनारे बांका जिला मुख्यालय से करीब चार किलोमीटर दूर शंकरपुर गांव तथा जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर अमरपुर प्रखंड के हरनिया स्थान पर चिह्न्ति एक खास पेड़, जिसमें सैकड़ों ईंट लटकी रहती हैं।

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