Sunday, 7 July 2013

SARKARI SKOOL

राज्य में सरकारी स्कूल बहुत सारे हे सरकार द्वारा इनमे पूरा स्टाफ ,टीचर और अन्य सुविधाये भी दी जाती हे समय समय पर इन स्कूल में छुट्टी ,वेतन ,भत्ते और बोनस मिलता हे ,इस बार जब परिणाम आया तो शयद एक दो स्टूडेंट ही मेरिट में स्थान पा सके ,जब सरकार इतना बजेट शिक्षा पर खर्च करती हे तो परिणाम सही क्यों नहीं ,जिन जिन स्कूल के रिजल्ट ख़राब हे उनके पुरे स्टाफ का वेतन रोक दे या कोई सजा दे ,क्योकि दुश्री तरफ निजी स्कूल का रिजल्ट देख लो ,कितना शानदार होता हे ,
पढाई का कोर्स तो समान होता हे फिर लोचा कहा हे की सरकारी स्कूल  दिन प्रति दिन गर्त में जा रहे हे जबकि पगार पूरा ले रहे हे कोई ना कोई कारन तो होगा ,चिंता की बात हे
कही ऐसा टी नहीं सरकारी स्कूल में सब सिफारशी टीचर हो या बेक डोर एंट्री हो या अनपढ़ हो नहीं तो इतना बजट होने के बाबजूद शिक्षा का स्तर निरंतर गिर रहा हे
बही निजी स्कूल रातो रात और कई ब्रांच खोल रहे हे क्या चक्कर हे क्या निजी स्कूल वाले ज्यादा पढ़ाते हे या कही से पेपर का पत्ता लगाते हे या कोई जादू टोना करके इनके स्कूल का रिजल्ट तारीफे काबिल हे जबकि यहाँ के स्टाफ को वो सुविधा नहीं मिलती जो की सरकारी टीचर को मिलती हे ,निजी स्कूल बहुत सरे खुल गए हे इसी का कारन हे की सरकारी स्कूल में पढाई नहीं होती
सरकारी अफसर और नेता एक दुश्रे पर आरोपे और प्रतारोपे करके बचाव करते रहते हे

राम नरेश गुप्ता विवेक विहार सोडाला जयपुर 

No comments:

Post a Comment