Saturday, 12 October 2013

अब चुनाव पास आ रहे हे तो सरकार ,नेताओ और चुनाव आयोग को अनिवार्य मतदान की चंता सता रही हे वैसे वोटर को कोई नहीं पूछता ,अब यदि अनिवार्य मतदान  का कानून बन जायेंगा तो क्या हासिल होगा ,फर्जी वाडा  ज्यादा होगा क्योकि जो लोग नोकरी या बिज़नस के कारन बहार हे वो कैसे आ सकते हे और वो भी अपना काम धाम छोड़कर ,खास तोर से इन फर्जी नेताओ के लिए ,जैसे ही चुनाव ख़तम सब नेता अपने अपने बिलॊ में घुस जाते हे
बीस से तिस प्रतिशत  लोग तो चला कर वोट नहीं देते लेकिन इस बार नकारने का अधिकार आने से नेताओ की हालत ख़राब हे सभी पार्टी वालो की ,जब तक सरकार सही काम नहीं करेंगी तब तक कोई वोटिंग का मतलब ही नहीं हे बस किसी तरेह से ज्यादा वोट मिल जाये और जित कर कुनबे के लिए सात पीढ़ी का इंतज़ाम कर ले बाकि सब जाये .....

राम नरेश गुप्ता विवेक विहार सोडाला जयपुर 

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