Saturday, 17 May 2014

चिकित्सक ,मरीज और सुरक्षा एक दुशरे से जुडी हुई हे लेकिन आज के आर्थिक समय में सब एक तरह से दुश्मन हे चिकित्सक कभी भगवान का रूप होता था अब एक तरह से कसाई से ज्यादा हे मरीज को लूटना चालू कर देता हे बिना बात के जाँच ,दवा जो की कोई काम की नहीं होती लिख देता हे कारन कमीशन। बही मरीज भी जब बहुत गंभीर होता हे डॉक्टर के जाता हे मरीज के परिजन तो एक तरह से मेला लगा लेते हे बैसे मरीज को घर पर नहीं सँभालते लेकिन दुनिया को दिखाने के लिए अस्पताल में भीड़ मचाये रहते हे क्या करे इस आपा धापी में डॉक्टर और मरीज के परिजनों के बीच मारपीट और झगड़ा हो जाता हे अब गार्ड भी क्या करे जब मामला खत्म हो जाता हे तब कही जा कर गार्ड आता हे क्योकि मरीज के परिजन ज्यादा होते हे और गुस्से में ज्यादा होते हे तो सभी पक्षों को समझना होगा  पर बीमारी का इलाज़ करवाये तकजी कोई परेशानी होव ही नहीं

राम नरेश गुप्ता विवेक विहार सोडाला जयपुर 

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