Wednesday, 14 May 2014

कैसा जमाना आ गया सुख के सभी साथी दुःख में कोई ना पूछे ,आशाराम जी जब लोक यानि जेल में नहीं गए तब अधिकतर लोग सीना तान कर कहते थे की उनके गुरु आशाराम जी हे और उनकी कृपा से ही सब कुछ हे हर तरफ आशाराम जी के चेले मिल जाते थे और कहते की तुम भी बना लो आशाराम को अपना गुरु और जो चाहो वो पा लो ,हमारे पास कहा पावर और मनी की गुरु बनाते
हमने तो जो भी गुरु देखे सब के सब लालची और पैसे के भूखे ,आप धन तन और मन के साथ चाकरी  और करो तब कही जा कर सालो में कही नंबर आता हे गुरु से मिलने का फिर पता नहीं क्या डिमांड कर दे क्योकि इन लोगो का कोई पता नहीं ज्यादा तर लोग कच्चे कलुए और अन्य तांत्रिक साधनो से कुछ बाते बता कर मोहित करलेते हे
आप हजारो को कुछ बताते हो तो दो चार लोगो की परेशानी दूर होती ही हे बस ये करवा यु ही चला और बढ़ता गया ,कारण दुनिया में कोई सुखी नहीं
जो हे उसका मजा लेते नहीं और जो नहीं हे उसका रोना रोते रह कर गुरुओ कोई। ……………… 

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