जब मोदी एक बैग में सिर्फ दो जोड़ी कपड़े लेकर पहुंचे थे अमेरिका!
उनकी बेबाक बोलने की प्रभावी शैली और कार्यप्रणाली से संघ के सभी प्रमुख प्रभावित थे। इसीलिए उन्हें अमेरिका जाने का भी मौका मिला था। यह बात सन 1990 की है।
समारोह में उपस्थित मेहमानों की पहली लाइन में ही एक दंपती भी बैठा हुआ था। जैसे ही मोदी की नजर इस दंपती पर पड़ी तो उन्होंने आंखों-आंखों में ही उनका स्वागत किया
अमेरिका के शिकागो में रहने वाले इस दंपती का नाम है डॉ. भरतभाई बाराई और पन्नाबेन बाराई।
पन्नाबेन बाराई से बात की तो इन्होंने मोदी से जुड़ी हमें कई रोचक बातें बताईं। उन्होंने बताया.. यह 1990 का वर्ष था। मोदी और मुरली मनोहर जोशी स्वामी विवेकानंद की 100वीं जन्मजयंती अवसर पर कार्यक्रम में शामिल होने शिकागो आए थे। इस दौरान ये दोनों नेता हमारे घर चार दिन तक रुके थे।
उन्होंने आगे बताया, मोदी जब हमारे घर पहुंचे तब उनके पास एक 10 बाय 10 इंच का एक छोटा सा बैग था, जिसमें सिर्फ दो जोड़ी कपड़े रखे थे। कपड़ों के अलावा बैग में बस दैनंदिन का कुछ और बहुत थोड़ा-सा सामान भर था।
मोदी ने मुझसे कहा, भाभीजी! अमेरिका में तो लोग हफ्ते में एक बार कपड़े धोते हैं, लेकिन मेरे पास सिर्फ दो जोड़ी कपड़े ही हैं। इसलिए आप रोजाना मेरे एक जोड़ी कपड़े धुलवाने की व्यवस्था भर कर दीजिए। बस, इससे ज्यादा मुझे और कुछ नहीं चाहिए।
पन्नाबेन मुस्कुराते हुए कहती हैं कि उस समय मोदी इतने फेमस नहीं थे, जितने की आज। लेकिन उनकी सादगी की बात ही अलग है आज भी। मैं आश्चर्य में हूं वही मोदी गुजरात का मुख्यमंत्री और अब देश का प्रधानमंत्री बन गए हैं।
भरतभाई बताते हैं कि जब भी संघ का नेता शिकागो आता है तो उनके खाने-पीने और रहने की व्यवस्था हम लोग ही करते हैं। वहीं, उनके खाने-पीने की पूरी जवाबदारी पन्नाबेन ही संभालती हैं। वह इसलिए कि संघ के नेता होटल
में रुकना और वहां का खाना पसंद नहीं करते। इसकी बजाय वे अमेरिका में किसी भारतीय के घर पर ही रुकना पसंद करते हैं। भरतभाई बताते हैं कि हमारे घर अब तक आरएसएस के चीफ सुदर्शन महेता, नरेंद्र मोदी, स्वामी शंकराचार्य, साध्वी ऋतंभरा, प्रकाश जावड़ेकर जैसे अनेकों महानुभाव आ चुके हैं
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