Friday, 6 June 2014

मंत्री और नेताओ के लिए शिक्षा जरुरी नहीं हे बल्कि प्रैक्टिकल होना जरुरी हे ,क्योकि नेता बनने के लिए आपमें साम ,दाम दंड ,भेद ,अन्य गुण जरुरी हे नेता की कोई इज़त नहीं होती जब तक मंत्री पद ना मिल जाये ,मंत्री पद पाने के लिए चमचागिरी में मास्टर होना चाहिए ,
इतिहास गवाह हे की मुग़ल सम्राट अकबर ,कालिदास,वाल्मीकि जी और अन्य कितने पढ़ लिखे थे फिर भी दुनिया इनकी दीवानी हे ,
भारतीय राजनीती में रावड़ी देवी ,गोलमा देवी और अशंख्या नेता भरे पड़े हे जिन्होंने राज्य किया और देश की जनता भुगत रही हे और ये अनपढ़ आनंद ले रहे हे सरकारी सुख का ,
आज कल  बहुत सारे  लोग कागज की बड़ी बड़ी डिग्री ले कर घूम रहे जिनको कोई भी छोटी सी नौकरी नहीं देता और बेचारे भूखे मरने को मजबूर हे जो डिग्री धारी हे उनको भी मालूम हे की उनकी डिग्री फर्जी हे फिर भी। ...................
इसलिए मंत्री ,नेता , अफसरों ,चमचो के लिए कोई जरुरी नहीं हे किसी भी योग्यता की बस लगे रहो हाजी हाजी यानि हमेशा हाजरी में। ……………

राम नरेश गुप्ता विवेक विहार सोडाला जयपुर 

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