कन्या भूर्ण ह्त्या को रोकना कोई बड़ी बात नहीं हे लेकिन इसके लिए समाज ,परिवार ,सरकार ,धर्म आदि सब बराबर के जिम्मेदार हे सब चाहते हे की उनके वंश और कपाल किर्या के लिए पुत्र का होना जरुरी हे दुशरी बात पुत्र घर में ही रहता हे ये अलग हे की शादी होने के बाद पेरेंट्स और बाकि को परेशान करता हे ,
बही कन्या तो पराई हे दुषरे के घर जायंगी ,क्यों इस पर ज्यादा समय और धन खर्च करे , दहेज़ और ,ये सब बाते हाई क्लास जेन्टरी और अपर क्लास को परेशान करती हे ,
आज कल गर्भपात के सेंटर खूब चलते हे बस दलाल की जरुरत होती हे तो ले दे कर कुछ हजारो में इन्फेंट कन्या ह्त्या कर देते हे
पकड़ में आ भी जाए तो कोई कठोर कानून नहीं हे
सबसे बड़ी गलती तो महिला यानि माँ की भी होती जो की महिला होते हुए लड़के की चाहत में ऐसा घिनौना काम करती हे
राम नरेश गुप्ता विवेक विहार सोडाला जयपुर
बही कन्या तो पराई हे दुषरे के घर जायंगी ,क्यों इस पर ज्यादा समय और धन खर्च करे , दहेज़ और ,ये सब बाते हाई क्लास जेन्टरी और अपर क्लास को परेशान करती हे ,
आज कल गर्भपात के सेंटर खूब चलते हे बस दलाल की जरुरत होती हे तो ले दे कर कुछ हजारो में इन्फेंट कन्या ह्त्या कर देते हे
पकड़ में आ भी जाए तो कोई कठोर कानून नहीं हे
सबसे बड़ी गलती तो महिला यानि माँ की भी होती जो की महिला होते हुए लड़के की चाहत में ऐसा घिनौना काम करती हे
राम नरेश गुप्ता विवेक विहार सोडाला जयपुर
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