Saturday, 30 May 2015

वर्षा जल सरक्षण  की याद गर्मी मे ज्यादा आती हे क्योकि पानी की कमी हो जाती हे वर्षा ऋतू में वारिश के पानी को कोई भी इकठा नहीं करता क्योकि सब जगह पक्के मकान हे मिटटी या कच्ची जमींन  मिलना सिटी में बहुत मुश्किल काम हे हां कभी कभी समाज सेवी ,ट्रस्ट और एन जी ओ कुछ नाटक करते हे और अनुदान ले कर चुपचाप बैठ जाते हे
कानून या पब्लिसिटी करने से कुछ नहीं होता ये तो सब नागरिको की जिम्मेदारी हे की पानी को बहुमूल्य मानकर बचाये और व्यर्थ ना खर्च करे ,साथ में घर मे कुछ स्थान कच्चा रखे ताकि बारिश का पानी जमींन  में रिस्से और रसोई और नहाने धोने का पानी को घर में जगह हो तो बहा जाने दे ताकि कुछ पोधे लग सके
सबसे बड़ी बात की ट्यूब  वेल यानि बोरिंग पर पूरी तरह से रोक यानि पाबन्दी ,नहीं तो आने वाले सालो में पानी की बूंद बूंद को तरस जाएंगे और बिना पानी के जीवन। …………………।

राम नरेश गुप्ता विवेक विहार सोडाला जयपुर 

No comments:

Post a Comment