Saturday, 23 May 2015

दुनिया यानि आम जनता को पागल बनाने के लिए दिन के उजाले में लड़ते हे

शाम होते ही हम पयाला। ……………

फिर कहते हे की देखो किस तरह से आम जनता को। ................ 

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