Monday, 13 July 2015

भारत में पहली रेल बॉम्बे (अब मुंबई) से ठाणे (थाने) के बीच 16 अप्रैल 1853 को चली थी। इस 14 बोगी की ट्रेन को 3 इंजन खींच रहे थे, जिनका नाम था- सुल्तान, सिंध भारत में पहली रेल की पटरी दो भारतीयों ने ही बिछवाई थी। इनके नाम थे जगन्नाथ शंकरसेठ और जमशेदजी जीजीभाई। जीआईपी (ग्रेट इंडियन पेनिन्सुला) रेलवेज के डायरेक्टर के तौर पर जगन्नाथ सेठ ने बॉम्बे से ठाणे के बीच चली ट्रेन से 45 मिनट का सफर भी तय किया थाऔर साहिब।      
आपको जानकर हैरानी होगी कि करीब 50 साल तक भारतीय ट्रेनों में टॉइलट नहीं होता था। वह तो भला हो ओखिल चंद्र सेन नामक एक यात्री का, जिन्होंने 1909 में पैसेंजर ट्रेन से यात्रा के अपने बुरे अनुभव के बारे में साहिबगंज रेल डिविजन के ऑफिस को एक खत लिखकर लेकर बताया। इस करारे पत्र के बाद ब्रिटिश हुकूमत को यह खयाल आया कि ट्रेनों में टॉइलट की बहुत आवश्यकता है। यह पत्र आज भी भारतीय रेल संग्रहालय में मौजूद है।

भारतीय रेलवे ने कम्प्यूटराइज्ड रिजर्वेशन की सेवा की शुरुआत नई दिल्ली में 1986 को की थी।भारतीय रेल का मैस्कॉट भोलू नाम का हाथी है। और यह क्यूट-सा हाथी भारतीय रेल में बतौर गॉर्ड तैनात है

भारतीय रेल दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क (अमेरिका, चीन और रूस के बाद) है। भारतीय रेल ट्रैक की कुल लंबाई 65,000 किलोमीटर है। वहीं अगर यार्ड, साइडिंग्स वगैरह सब जोड़ दिए जाएं तो यही लंबाई लगभग 115,000 किलोमीटर हो जाती है।

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