Friday, 24 January 2014

आयुर्वेद में प्रत्येक माह में किसी एक पदार्थ का सेवन वर्ज्य माना गया है। किस माह में किसका सेवन वर्जित उसका वर्णन निम्न प्रकार से है।
चैत्र - गुड़
वैशाख - तेल
जेठ - महुआ
आषाढ़ - बेल फल ‘बिल्व पत्र का फल‘
सावन - दूध
भादों - मही, छाछ, लस्सी
क्वांर - करेला
कार्तिक - दही
अगहन - जीरा
पूस - धनिया
माघ - मिश्री, चीनी
फागुन - चना
आयुर्वेद के अनुसार वात-पित्त-कफ का संतुलन ही स्वास्थ्य का मूल सिद्धांत है। उक्त महीनों में संबंधित पदार्थ का ज्यादा सेवन सेहत के इन तीन तत्वों के संतुलन में अन्य की तुलना में ज्यादा गड़बड़ी पैदा करता है।

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